एफिल मीनार (Eiffel Tower) क्यों बनाई गई?
फ्रांस की राजधानी पेरिस में खड़ी विशाल एफिल टावर का नक्शा प्रसिद्ध इंजीनियर अलेक्जेंडर गुस्टाव एफिल (Alexandre Gustave Eiffel) ने तैयार किया था. इसका निर्माण फ्रांस की क्रांति की याद में सन् 1889. में किया गया था. सारे संसार के लोग इस विशाल मीनार को देखकर आज भी फ्रांस की क्रांति की याद करते हैं.
इस मीनार की ऊंचाई 300 मीटर (984 फुट) है. यह लोहे से बनाई गई है. इसकी ऊंचाई गीजा के सबसे ऊंचे पिरामिड से भी दो गुनी है. इसका निर्माण कार्य कुछ ही मजदूरों द्वारा दो साल, दो महीने और दो दिनों में पूरा कर दिया गया था. यह 31 मार्च 1889 को बनकर तैयार हो गई थी. यह मीनार इंजीनियरी का एक आश्चर्यजनक नमूना है. इसका आधार दो एकड़ जमीन पर है, जिस पर चार अर्ध वृत्ताकार मेहराबें (Arch) हैं. इसमें कई लिफ्ट भी लगे हुए हैं. इसमें 1792 सीढ़ियां हैं. मीनार की चोटी पर खड़े होकर 75 किमी. तक का सुंदर दृश्य दिखाई देता है. यह संसार के पर्यटकों का मुख्य आकर्षण केंद्र है.
सन् 1909 से इस मीनार के ऊपर रेडियो संचार के लिए एंटीना लगाकर प्रयोग में लाया जा रहा है. इससे इसकी ऊंचाई 20.75 मीटर (66 फुट) और बढ़ गई है. सबसे ऊपर वाले भाग को दूरदर्शन प्रसारण के लिए काम में लाया जा रहा है.
सन् 1930 तक एफिल टावर संसार की सबसे ऊंची मीनारों में से थी. 1930 में इसका स्थान न्यूयार्क में बनाए गए क्रिसलर भवन (Chrysler Building) ने ले लिया.